ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर यहूदी धार्मिक उत्सव के दौरान हुई भीषण गोलीबारी में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब समुद्र तट पर हनुक्का उत्सव के पहले दिन को मनाने के लिए सैकड़ों लोग एकत्रित थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो हथियारबंद हमलावरों ने अचानक भीड़ पर गोलियां बरसाईं और करीब 50 राउंड फायरिंग की गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में एक हमलावर को मार गिराया गया है, जबकि दूसरा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। इस हमले में पुलिसकर्मियों सहित लगभग 11 लोग घायल भी हुए हैं। न्यू साउथ वेल्स के पुलिस आयुक्त माल लैन्यन ने इस घटना को “आतंकी हमला” करार दिया है। घटना के बाद पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं और घायलों को बचाने का प्रयास शुरू किया गया।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने बॉन्डी बीच की घटना को “चौंकाने वाली और बेहद दुखद” बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस और आपातकालीन टीमें ज़मीन पर मौजूद हैं और लोगों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस कमिश्नर और न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर से बात की है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की।
पुलिस ने भारतीय समयानुसार करीब 2:17 बजे सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि बॉन्डी बीच पर एक “विकसित होती घटना” पर कार्रवाई की जा रही है और लोगों से सुरक्षित स्थान पर शरण लेने को कहा गया। बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि मृतकों में एक हमलावर भी शामिल है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावरों ने बच्चों और बुज़ुर्गों को भी नहीं बख्शा। घटनास्थल से सामने आए दृश्यों में कुछ लोग घायलों को सीपीआर देते हुए दिखाई दिए।
विपक्ष की नेता सुसान ले ने कहा कि पूरा ऑस्ट्रेलिया शोक में है और यह हमला देश के एक प्रतिष्ठित और प्रिय स्थान पर नफरत की हिंसा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह हमला उस समय हुआ जब यहूदी समुदाय शांति और आशा का प्रतीक हनुक्का उत्सव मना रहा था, जिसे नफरत ने बेरहमी से कुचल दिया।
ऑस्ट्रेलियन ज्यूइश एसोसिएशन ने इस घटना के लिए अल्बानीज़ सरकार की कड़ी आलोचना की और कहा कि यह त्रासदी पहले से अंदेशा की जा सकती थी। संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन यहूदी समुदाय की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। संगठन ने यह भी नाराज़गी जताई कि प्रधानमंत्री के शुरुआती बयान में इस बात का ज़िक्र नहीं किया गया कि हमला एक यहूदी कार्यक्रम को निशाना बनाकर किया गया।
बॉन्डी बीच शूटिंग की इस घटना ने न केवल ऑस्ट्रेलिया बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है, और एक बार फिर धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Author: News Desk
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