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 PM Modi on Maharashtra Civic Polls-“एनडीए के ट्रैक रिकॉर्ड ने लोगों के दिलों को छुआ”

 PM Modi on Maharashtra Civic Polls

महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों में ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की जनता का आभार जताया है। देश की सबसे अमीर नगर निकाय, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में पहली बार बीजेपी की जीत के बाद मुंबई स्थित पार्टी कार्यालय में जश्न का माहौल देखा गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “धन्यवाद महाराष्ट्र।” उन्होंने कहा कि राज्य के ऊर्जावान और जागरूक लोगों ने एनडीए के जन-हितैषी और सुशासन के एजेंडे पर भरोसा जताया है।

पीएम मोदी ने लिखा, “विभिन्न नगर निगम चुनावों के नतीजे यह दर्शाते हैं कि महाराष्ट्र की जनता के साथ एनडीए का रिश्ता और मजबूत हुआ है। हमारे ट्रैक रिकॉर्ड और विकास के विजन ने लोगों के दिलों को छुआ है। यह जीत प्रगति को गति देने और महाराष्ट्र की गौरवशाली संस्कृति का उत्सव मनाने का जनादेश है।”

ताजा रुझानों के अनुसार, मुंबई की 227 में से 210 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इनमें बीजेपी 90 वार्डों में आगे है, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 28 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है। अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी, जो अलग चुनाव लड़ी थी, केवल तीन वार्डों में आगे है।

विपक्षी खेमे की बात करें तो शिवसेना (यूबीटी) 57 वार्डों में, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना 9 वार्डों में और कांग्रेस (वंचित बहुजन आघाड़ी के साथ गठबंधन में) 15 वार्डों में आगे है। अन्य दल आठ वार्डों में बढ़त बनाए हुए हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि बीएमसी पर शिवसेना (यूबीटी) का दशकों पुराना दबदबा खत्म हो गया है।

बीजेपी ने 137 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना ने 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। अजित पवार गुट की एनसीपी ने 94 सीटों पर अलग से चुनाव लड़ा। वहीं शिवसेना (यूबीटी) ने 163, मनसे ने 52, कांग्रेस ने 143 और वंचित बहुजन आघाड़ी ने 46 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे।

क्या बदला राजनीतिक समीकरण?

पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों के नतीजों ने भी बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। कभी शहरी राजनीति में निर्णायक माने जाने वाला पवार ब्रांड अब अपने दम पर जीत की गारंटी नहीं रहा। शरद पवार और अजित पवार गुटों के बीच तालमेल के बावजूद मतदाताओं ने अपेक्षित एकजुटता नहीं दिखाई।

पुणे नगर निगम में बीजेपी स्पष्ट रूप से मजबूत स्थिति में उभरी है और बड़ी संख्या में वार्डों में जीत या बढ़त के साथ वह नगर निकाय पर नियंत्रण की ओर बढ़ रही है।

हालांकि मुंबई में उद्धव ठाकरे की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर मानी जा रही है। एकनाथ शिंदे ने जहां मुंबई में सेंध लगाई, वहीं वह मराठी मानूस के चेहरे के रूप में ठाकरे परिवार की पकड़ को पूरी तरह कमजोर नहीं कर पाए। इसके बावजूद बीएमसी का नियंत्रण खोना शिवसेना (यूबीटी) के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

देवेंद्र फडणवीस की बड़ी भूमिका

महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों में बीजेपी की इस बड़ी जीत का श्रेय उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दिया जा रहा है। उनके नेतृत्व में महायुति ने राज्य की राजनीति की दिशा बदल दी है। विधानसभा चुनावों के बाद अब नगर निकाय चुनावों में भी जीत दर्ज कर बीजेपी ने साबित कर दिया है कि जनता का भरोसा पार्टी पर और मजबूत हुआ है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस जीत के साथ फडणवीस ने यह भी साबित कर दिया कि चाहे भाई एकजुट हों या चाचा-भतीजा साथ आएं, बीजेपी नेतृत्व वाली महायुति उनके संयुक्त प्रभाव से भी आगे निकलने में सक्षम है। साथ ही, मुंबई में मराठी वोटों पर ठाकरे परिवार के एकाधिकार के दावे को भी इस चुनाव ने चुनौती दी है।

 

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Author: News Desk

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