राजस्थान, जो पारंपरिक रूप से अपनी समृद्ध संस्कृति और विरासत के लिए जाना जाता है, अब नई तकनीक और डिजिटल नवाचारों के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल के वर्षों में राज्य सरकार और निजी संस्थानों ने Artificial Intelligence (AI) यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता को विभिन्न क्षेत्रों में लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ा रहा है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर खोल रहा है।
सबसे पहले बात करें शिक्षा क्षेत्र की — तो राजस्थान के कई सरकारी और निजी स्कूलों में अब AI-आधारित स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल शुरू हो चुका है। ये सिस्टम छात्रों की सीखने की गति और रुचि के अनुसार कंटेंट प्रदान करते हैं, जिससे सीखने की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। जयपुर और उदयपुर जैसे शहरों के कॉलेजों ने भी AI-आधारित करियर गाइडेंस और वर्चुअल ट्यूटरिंग प्लेटफॉर्म को अपनाना शुरू कर दिया है।
कृषि क्षेत्र में, AI तकनीक किसानों के लिए एक नई क्रांति साबित हो रही है। अब सेंसर और ड्रोन की मदद से खेतों की मिट्टी, नमी और फसल की स्थिति का वास्तविक समय पर विश्लेषण किया जा रहा है। राजस्थान सरकार की “स्मार्ट एग्रीकल्चर मिशन” के तहत किसानों को AI आधारित ऐप्स से मौसम पूर्वानुमान, बीज चयन और सिंचाई की सलाह दी जा रही है। इससे न केवल फसल उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि जल संरक्षण में भी मदद मिल रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं में भी AI का योगदान उल्लेखनीय है। जयपुर और जोधपुर के बड़े अस्पतालों में अब AI-आधारित डायग्नोस्टिक सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जो एक्स-रे, सीटी स्कैन और अन्य मेडिकल रिपोर्ट्स का तेज़ और सटीक विश्लेषण करते हैं। इससे डॉक्टरों को मरीजों के इलाज में बेहतर निर्णय लेने में मदद मिल रही है। इसके अलावा, टेलीमेडिसिन और वर्चुअल हेल्थ असिस्टेंट्स जैसे AI टूल्स ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बना रहे हैं।
राजस्थान पुलिस भी AI-संचालित सुरक्षा प्रणाली की ओर बढ़ रही है। स्मार्ट सर्विलांस कैमरे, फेस रिकग्निशन सिस्टम और डेटा एनालिटिक्स की मदद से अपराध की पहचान और नियंत्रण में तेजी आई है। जयपुर और कोटा जैसे शहरों में ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम अब पूरी तरह से AI आधारित हो गए हैं, जिससे सड़क सुरक्षा में सुधार हुआ है।
राज्य सरकार ने हाल ही में “AI Innovation Policy 2025” की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य युवाओं और स्टार्टअप्स को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में AI रिसर्च हब्स और ट्रेनिंग सेंटर्स स्थापित किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, राजस्थान अब सिर्फ सांस्कृतिक दृष्टि से नहीं, बल्कि तकनीकी दृष्टि से भी अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। AI टेक्नोलॉजी के उपयोग ने यहां के उद्योगों, प्रशासन और आम जनता की जिंदगी को आधुनिक दिशा दी है। यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले वर्षों में राजस्थान India’s Smartest Digital State के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।
Author: News Desk
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